पंजाब | पंजाब सरकार ने राज्य के 852 सरकारी स्कूलों में नई पेंटिंग और कलर कोडिंग कराने का फैसला किया है। इस योजना के तहत स्कूलों की बाहरी इमारतों, जैसे बरामदे और गलियारों को “एग कस्टर्ड” और “एनामेल रैप्सोडी” रंगों में रंगा जाएगा, जबकि कक्षा कक्षों की दीवारों के लिए “ब्रॉन्ज मिस्ट” और “सी ओट्स” शेड निर्धारित किए गए हैं। आदेश शुक्रवार को जारी किया गया और पहले चरण में 23 जिलों के स्कूलों में यह कार्य कराया जाएगा।
शिक्षा विभाग (DGSE) की ओर से इस योजना के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को 17.44 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में सबसे अधिक 102 स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है। इसके अलावा अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, मोहाली, मानसा सहित कई जिलों के सरकारी स्कूलों में पेंटिंग कराई जाएगी।
हालांकि इस फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि चुने गए रंग आम आदमी पार्टी के झंडे के रंगों से मेल खाते हैं और सरकार सरकारी स्कूलों को राजनीतिक पहचान देने का प्रयास कर रही है। शिरोमणि अकाली दल और अन्य नेताओं ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को किसी भी राजनीतिक दल के प्रचार से दूर रखा जाना चाहिए।
वहीं आम आदमी पार्टी और शिक्षा विभाग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी नेताओं और DGSE अधिकारियों का कहना है कि रंगों के चयन का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। यह केवल उन स्कूलों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण के लिए किया जा रहा है, जहां पिछले कई वर्षों से पेंटिंग नहीं हुई थी। विभाग ने स्पष्ट किया कि पूरी योजना राज्य के बजट से संचालित है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
इस फैसले ने एक बार फिर पंजाब में शिक्षा और राजनीति के बीच बढ़ते टकराव को उजागर कर दिया है। RTI कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं ने इसे चुनावी माहौल से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार इसे स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की पहल बता रही है।