चंडीगढ़ । राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों और युद्ध या अभियान में हताहत हुए सैनिकों के बच्चों के लिए वित्तीय सहायता की बड़ी घोषणा की है। इसके तहत अब पात्र बच्चों को पहले के 5 हजार रुपये की जगह 8 हजार रुपये प्रति माह की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जून 2025 में कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी थी। योजना का उद्देश्य शहीद सैनिकों के बच्चों को उनकी शिक्षा पूरी करने में मदद करना है। यह स्कॉलरशिप पहले केवल सेना के शहीदों के बच्चों के लिए थी, लेकिन अब इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के शहीदों और अभियान में हताहत हुए कर्मियों के बच्चे भी शामिल होंगे।
योजना का विस्तार 2006-07 में शुरू हुई पीएम स्कॉलरशिप से हुआ, जिसमें लड़कों को 2,000 रुपये और लड़कियों को 2,250 रुपये प्रति माह मिलते थे। 2019-20 में इसे बढ़ाकर क्रमशः 2,500 और 3,000 रुपये कर दिया गया। अब इस नई व्यवस्था के अनुसार, कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों को सालाना 60,000 रुपये और स्नातकोत्तर छात्रों को सालाना 96,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी।
सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार, स्कॉलरशिप उन बच्चों को मिलेगी जिनके माता-पिता आधिकारिक कर्तव्य के दौरान युद्ध, आईईडी विस्फोट, आतंकवादी हमले, सीमा झड़प, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में सेवा, हृदय गति रुकना, हवाई या समुद्री दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या बचाव अभियान में शहीद हुए हों।
इसके अलावा, योजना का लाभ लेने के लिए मृतक कर्मियों का हरियाणा का निवासी होना आवश्यक है। यदि किसी केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती के कारण सेवा के समय उनका पता अस्थायी था, तो स्थायी पते के आधार पर पात्रता तय की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह योजना शहीद या हताहत सैनिकों के परिवार के सभी बच्चों की शिक्षा को सुनिश्चित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।