शिमला। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 को भारतीय जनता पार्टी ने देश को विकसित भारत-2047 की ओर ले जाने वाला दूरदर्शी और समावेशी बजट बताया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बजट की सराहना करते हुए इसे समाज के हर वर्ग के हित में बताया।
शिमला स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय दीप कमल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास” की सोच को आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि लगभग 7 प्रतिशत की अनुमानित आर्थिक विकास दर देश की मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है, जो विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
राजीव बिंदल ने कहा कि बजट में किसान, बागवान, युवा और महिलाओं के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं एमएसएमई, निर्यात, खादी और फार्मा सेक्टर में दिखाई दे रही हैं। फार्मा उत्पादन में हिमाचल प्रदेश अग्रणी राज्य है, ऐसे में इस बजट से प्रदेश को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र में ट्रैकिंग और हाइकिंग जैसी गतिविधियों के विस्तार से हिमाचल में पर्यटन को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए राज्यों को अनुदान के रूप में राशि का प्रावधान किया गया है, जिससे हिमाचल को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। विभिन्न क्षेत्रों में हिमाचल को बजट का बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद है और इससे भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरता नजर आ रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह एनडीए सरकार का लगातार 13वां बजट है और इसके माध्यम से भारत वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि बजट में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की स्पष्ट दिशा दिखाई देती है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर को बजट में विशेष प्राथमिकता दी गई है। बायो-फार्मा शक्ति परियोजना से हिमाचल की फार्मा इंडस्ट्री को बड़ा लाभ मिलेगा, जबकि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 देश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की दवाओं पर टैक्स में कमी से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्यों के टैक्स शेयर में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी से हिमाचल को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। आपदा प्रबंधन के लिए बजट बढ़ाए जाने से भी प्रदेश को लाभ होगा। पर्यटन, जल जीवन मिशन, शी-मार्ट और मनरेगा की नई योजनाओं में बढ़ोतरी को उन्होंने हिमाचल के लिए सकारात्मक कदम बताया।