फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव के उद्घाटन दिवस पर हरियाणा की पारंपरिक मिठास गोहाना की प्रसिद्ध जलेबी मेले का आकर्षण बन गई। मंच पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को गोहाना की जलेबी परोसी, जिसे उन्होंने अपनत्व और लोकसंस्कृति का प्रतीक बताया।
जलेबी का स्वाद चखते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि यह केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि हरियाणा की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आत्मनिर्भरता की पहचान है। उन्होंने कहा कि गोहाना की जलेबी अपनी विशिष्टता के कारण प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपराष्ट्रपति की बात से सहमति जताते हुए कहा कि जलेबी हरियाणा की लोकसंस्कृति से गहराई से जुड़ी हुई है और इसकी मिठास आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है। सूरजकुंड मेला स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम बन चुका है, जहां लोकल उत्पाद ‘लोकल से ग्लोबल’ की यात्रा तय कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्री ने कहा कि गोहाना की जलेबी का स्वाद ही इसे देशभर में खास बनाता है। सूरजकुंड मेला ही वह मंच है, जहां से गोहाना की जलेबी राष्ट्रीय पहचान से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची है। उन्होंने बताया कि उनका गोहाना विधानसभा क्षेत्र से भावनात्मक जुड़ाव है और जलेबी से जुड़ी परंपरा क्षेत्र की पहचान बन चुकी है।
इस अवसर पर मिस्र के राजदूत कामिल जायद गलाल और डिप्टी एंबेसडर दालिया तांतवे ने भी गोहाना की जलेबी का स्वाद लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और दर्शकों ने इसे हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया।