बागपत। वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) उत्तरी क्षेत्र और बागपत वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में हरियाणा से जुड़े शिकारियों के दो सक्रिय गिरोहों का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि उनके दो साथी फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी आपस में सगे संबंधी और रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
वन विभाग के अनुसार आरोपी ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के पास यमुना खादर क्षेत्र में वन्य जीवों का शिकार कर रहे थे। रविवार सुबह सूचना के आधार पर ग्राम मवीकलां, सांकरौद और आसपास के इलाकों में घेराबंदी कर शिकारियों को पकड़ा गया।
सोनीपत-कुंडली बॉर्डर से जुड़े आरोपी
प्रभागीय वनाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि बड़ौत वन क्षेत्राधिकारी सुनींद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने जखौली टोल प्लाजा के पास ईको वैन को रोककर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें साजन नाथ, बालीनाथ (कुंडली बॉर्डर), रोहिन कुमार, अर्जुन नाथ, खन्ना नाथ (सोनीपत) और गुलीचंद (मेरठ) शामिल हैं।
वहीं दूसरी टीम ने मुरथल (सोनीपत) निवासी विकास नाथ को मेरठ-बागपत-सोनीपत हाईवे पर निवाड़ा पुल के पास से गिरफ्तार किया।
वन्य जीव और उपकरण बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार मृत और एक जीवित सियार, एक मृत और एक जीवित कब्र बिज्जू, दो मृत टिटहरी पक्षी, एक जीवित व एक मृत जंगली बिल्ली, 40 खटके, पांच कुदालें और शिकार में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। घायल वन्य जीवों का पशु चिकित्सकों द्वारा उपचार कराया गया, जबकि मृत जीवों का पोस्टमार्टम किया गया।
पीढ़ी दर पीढ़ी शिकार का दावा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पीढ़ी दर पीढ़ी शिकार करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि जंगल में पहले रेकी की जाती थी और फिर खटके व जाल लगाकर वन्य जीवों को पकड़ा जाता था।
तस्करी एंगल से जांच
वन विभाग को आशंका है कि यह गिरोह केवल शिकार तक सीमित नहीं था, बल्कि वन्य जीवों की तस्करी में भी संलिप्त हो सकता है। इस दिशा में गहन जांच की जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।