गुरुग्राम | गुरुग्राम में हर साल मानसून के दौरान दिल्ली-जयपुर हाईवे और नए गुरुग्राम के कई सेक्टरों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। खासकर अरावली की पहाड़ियों से तेज बहाव के साथ आने वाला बरसाती पानी वाटिका चौक, एसपीआर रोड और आसपास के रिहायशी सेक्टरों को डुबो देता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) द्वारा 5.5 किलोमीटर लंबी नई ड्रेन का निर्माण कराया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार इस ड्रेन का करीब 68 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे 30 जून तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आगामी मानसून में शहरवासियों को राहत मिल सके। यह ड्रेन वाटिका चौक से शुरू होकर एसपीआर रोड के साथ-साथ दिल्ली-जयपुर हाईवे तक जाएगी और इसे बादशाहपुर ड्रेन (लेग-3) से जोड़ा जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस परियोजना पर लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। ड्रेन के चालू होने के बाद अरावली क्षेत्र से आने वाला बरसाती पानी नियंत्रित तरीके से मास्टर ड्रेनेज सिस्टम में पहुंच सकेगा। इससे हाईवे के नरसिंहपुर इलाके में पानी का दबाव कम होगा और ओवरफ्लो जैसी स्थिति से बचा जा सकेगा।
पिछले मानसून में गुरुग्राम में 159 स्थानों पर जलभराव दर्ज किया गया था। इनमें से 100 से ज्यादा इलाके निचले क्षेत्र होने के कारण ज्यादा प्रभावित हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में जलभराव का मुख्य कारण अधूरा ड्रेनेज नेटवर्क, मास्टर ड्रेन की कम क्षमता और समय पर सफाई न होना है।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जलभराव के कारण अक्सर हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल तक करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है और कई बार ट्रैफिक घंटों तक ठप रहता है। उम्मीद है कि नई ड्रेन के निर्माण से इस बार मानसून में गुरुग्राम को बड़ी राहत मिलेगी।