नई दिल्ली | आज संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच सत्तापक्ष-विपक्ष की टकरावपूर्ण बहस हुई। इस दौरान राहुल गांधी ने बिट्टू को “गद्दार दोस्त” कहकर निशाना बनाया, जबकि केंद्रीय मंत्री ने गांधी को “देश का दुश्मन” करार दिया।
तीखी बहस तब शुरू हुई जब कांग्रेस सांसद मकर द्वार के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। राहुल गांधी ने पूर्व कांग्रेस नेता और अब बीजेपी में शामिल हुए तीन बार के सांसद बिट्टू को देखकर कहा, “देखो, एक गद्दार यहीं से गुजर रहा है। इसका चेहरा देखो।” इसके बाद उन्होंने बिट्टू से हाथ मिलाने का इशारा करते हुए कहा, “नमस्ते भाई, मेरे गद्दार दोस्त, चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में आ जाओगे।”
बिट्टू ने राहुल गांधी के हाथ मिलाने के ऑफर को ठुकराते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा, “देश के दुश्मन। गांधी परिवार के सदस्य ऑपरेशन ब्लू स्टार और सिख विरोधी दंगों के लिए जिम्मेदार हैं। एक सिख सरदार, गांधी परिवार के वंशज से कभी हाथ नहीं मिलाएगा।”
भाजपा नेताओं ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। दिल्ली के सिख विधायक और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि “सिख और सरदार कभी गद्दार नहीं हो सकते। राहुल गांधी और उनका परिवार गद्दार हैं। यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है।”
वहीं, कांग्रेस ने राहुल गांधी का बचाव किया। कांग्रेस सांसद अमरिंदर राजा वारिंग ने कहा कि विपक्ष के नेता को बोलने का अवसर नहीं मिलने पर ऐसे शब्द प्रयोग हुए। उन्होंने कहा, “बिट्टू को सांसद कौन बनाता है? जब विपक्षी नेता पर दबाव बनाया जाता है, तो गद्दार कहने में क्या गलत है?”
संसद में हुई यह बहस देश और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद को और बढ़ा रही है। दोनों पक्षों की टिप्पणियों ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रियाएं जन्म दी हैं।