Nurpur, Sanjeev-:.नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सदवां में डॉक्टर और फार्मासिस्ट अधिकारी के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। स्टाफ की कमी के कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच व उपचार के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिविल अस्पताल नूरपुर के बाद पीएचसी सदवां आसपास की कई पंचायतों के लिए एक प्रमुख और सुविधाजनक स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन डॉक्टर व फार्मासिस्ट अधिकारी की अनुपस्थिति में मरीजों को कई बार निराश होकर लौटना पड़ता है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार से जल्द रिक्त पद भरने की मांग की है।इस संबंध में बीएमओ नूरपुर डॉ. दिलवर सिंह से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि पीएचसी सदवां में तैनात डॉक्टर का पीजी में चयन हो गया है और वे करीब 20–25 दिन पहले मेडिकल कॉलेज जॉइन कर चुके हैं। वहीं फार्मासिस्ट अधिकारी का प्रमोशन होने के चलते उनका तबादला हो गया, जिससे दोनों पद रिक्त हो गए हैं।
बीएमओ ने बताया कि फिलहाल व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिदिन दो फार्मासिस्टों की तैनाती की गई है और एक डॉक्टर की ड्यूटी लगाने के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल हेल्थ प्रोग्राम के तहत मरीजों की जांच नियमित रूप से की जा रही है और पीएचसी में कार्य सुचारू रूप से जारी है।
ओपीडी को लेकर फैल रही अफवाहों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिदिन 70–80 नहीं, बल्कि औसतन 25–30 मरीज ही ओपीडी में आ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं की जांच कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) द्वारा पहले से ही की जा रही है, जो गांव-गांव जाकर नियमित सेवाएं दे रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को सिविल अस्पताल नूरपुर रेफर किया जाता है।बीएमओ डॉ. दिलवर सिंह ने आश्वासन दिया कि रिक्त पदों को भरने के लिए विभागीय उच्च अधिकारियों को पहले ही अवगत करवा दिया गया है और बहुत जल्द पीएचसी सदवां में नए डॉक्टर की तैनाती कर दी जाएगी।