नई दिल्ली | वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनने से भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने बताया कि इस समझौते से खासतौर पर एमएसएमई सेक्टर, किसानों और मछुआरों के लिए 30,000 अरब डॉलर का विशाल अमेरिकी बाजार खुल जाएगा।
गोयल ने कहा कि निर्यात में बढ़ोतरी से देश में महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
संयुक्त बयान में हुई घोषणा
भारत और अमेरिका ने शनिवार को जारी संयुक्त बयान में बताया कि दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति बना ली है। इसके तहत अमेरिका भारत पर लगने वाले जवाबी शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। वहीं, भारत भी अमेरिका से आने वाले औद्योगिक सामानों और खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक बड़ी श्रेणी पर शुल्क खत्म या कम करेगा।
पीयूष गोयल ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना की
मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते की मजबूत रूपरेखा तैयार कर ली है।
उन्होंने कहा कि इस समझौते से अमेरिका में वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, जैविक रसायन, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे सेक्टरों में भारतीय कंपनियों को बड़ी संभावनाएं मिलेंगी।
कई उत्पादों पर शुल्क होगा शून्य
गोयल के मुताबिक, इस समझौते के बाद जेनेरिक दवाइयों, रत्न एवं हीरा, विमान के कल-पुर्जों सहित कई उत्पादों पर शुल्क शून्य हो जाएगा। इससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
एयरक्राफ्ट और ऑटो पार्ट्स सेक्टर को भी राहत
मंत्री ने बताया कि भारत को विमान कल-पुर्जों पर धारा 232 के तहत छूट मिलने की संभावना है। साथ ही वाहन कल-पुर्जों पर शुल्क दर कोटा का भी लाभ मिलेगा, जिससे इन क्षेत्रों में निर्यात में तेजी आ सकती है।
संवेदनशील कृषि उत्पादों को सुरक्षा
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है।
भारत-अमेरिका आर्थिक सहयोग को मिलेगी नई दिशा
गोयल ने कहा कि यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करेगा। इससे दोनों देशों को व्यापारिक सहयोग बढ़ाने और सतत विकास की दिशा में मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा।