अमृतसर | अमृतसर जिले के कई स्कूलों में फर्जी विद्यार्थियों की भर्ती का मामला उजागर हुआ है। जानकारी के अनुसार, कुछ विद्यार्थियों ने स्कूलों की मिलीभगत से चोरी-छिपे दाखिला लेकर विभिन्न परीक्षाओं में नकल कर अच्छे अंक हासिल किए हैं। इन फर्जी दाखिलों में कई स्कूल प्रमुखों और अध्यापकों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।
समस्या यह है कि ये विद्यार्थी सालभर स्कूल में उपस्थित नहीं होते, लेकिन परीक्षा के समय उन्हें रैगुलर विद्यार्थी की तरह परीक्षा केंद्रों पर बैठने की अनुमति दी जाती है। विभाग इस मामले की गंभीर जांच करे, तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से स्कूलों में फर्जी विद्यार्थियों की भर्ती का यह खेल जारी है। स्कूलों द्वारा नियमित रूप से दाखिला लिए गए फर्जी विद्यार्थियों को विशेष छूट दी जाती है, और जब परीक्षा होती है, तो उन्हें रैगुलर छात्र दिखाकर पेपर दिलाए जाते हैं। कई स्कूलों द्वारा ऐसे फर्जी दाखिले के लिए अभिभावकों से मनमाने पैसे लिए जा रहे हैं, वहीं कुछ अध्यापक अपने रिश्तेदारों और नजदीकी बच्चों को भी विशेष छूट देकर लाभ प्रदान कर रहे हैं।
इन फर्जी विद्यार्थियों को न केवल स्कूल आने से छूट मिलती है, बल्कि परीक्षा में भी उन्हें सुविधाएं देकर लाभ दिया जाता है। जहां वास्तविक विद्यार्थी सालभर मेहनत करके परीक्षा देते हैं, वहीं फर्जी विद्यार्थी केवल परीक्षा के समय ही उपस्थित होते हैं और कुछ स्कूल प्रमुखों व अध्यापकों की मेहरबानी से बिना मेहनत लाभ उठाते हैं।
विभाग के अनुसार, अधिकारियों द्वारा समय-समय पर स्कूलों की जांच की जाती है, जिसमें हाजिरी रजिस्टर की समीक्षा भी शामिल है। यदि कोई फर्जी एंट्री वाला विद्यार्थी पकड़ा जाने लगता है, तो उस दिन उसकी छुट्टी दर्ज कर दी जाती है और उसे 75 प्रतिशत उपस्थिति दिखाकर परीक्षा में बैठाया जाता है।