करनाल। फरवरी के पहले पखवाड़े में मौसम को लेकर किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर दर्ज की जा रही है, लेकिन विशेषज्ञ इसे सामान्य प्रक्रिया मान रहे हैं और इससे फसलों को किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं जताई जा रही है।
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. रतन तिवारी के अनुसार, मौजूदा तापमान गेहूं सहित रबी फसलों की बढ़वार के लिए अनुकूल है। इस समय औसत तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिसे गेहूं की फसल के लिए सामान्य और लाभकारी माना जाता है। उन्होंने बताया कि सब्जियों पर भी वर्तमान मौसम का कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है।
डॉ. तिवारी ने स्पष्ट किया कि चिंता की स्थिति तब बनती है, जब लंबे समय तक असामान्य रूप से अधिक तापमान बना रहता है। यदि आगे चलकर तापमान में तेज बढ़ोतरी होती है, तो वैज्ञानिक स्तर पर उसका आकलन कर किसानों को समय रहते आवश्यक सलाह दी जाएगी।
जिला बागवानी अधिकारी डॉ. कमल सैनी ने भी मौजूदा मौसम को बागवानी फसलों और सब्जियों के लिए अनुकूल बताया। उन्होंने कहा कि तापमान में हो रही बढ़ोतरी सामान्य दायरे में है। टमाटर, मटर, फूलगोभी, पत्ता गोभी सहित अन्य मौसमी सब्जियां सामान्य रूप से विकसित हो रही हैं और फलदार पौधों में भी किसी प्रकार की समस्या नहीं देखी गई है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम सामान्य बना रहने की संभावना है। फिलहाल एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडलीय सिस्टम के रूप में जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से गुजर रहा है, जो देर रात तक आगे निकल जाएगा।
इसके बाद 9 फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके असर से 9 से 11 फरवरी के बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में छिटपुट से मध्यम बर्फबारी हो सकती है, जिसमें 10 फरवरी को गतिविधियां कुछ अधिक रहने का अनुमान है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम कमजोर रहेगा, इसलिए मैदानी इलाकों पर इसका व्यापक प्रभाव नहीं पड़ेगा। हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में न तो बारिश की संभावना है और न ही तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव के संकेत हैं। दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी जारी रह सकती है, जबकि रात का तापमान सामान्य बना रहेगा।