लुधियाना, (दलजीत विक्की)। मल्हार रोड स्थित प्रतिष्ठित संस्थान ज़ीका ज़ीमा (ज़ी इंस्टिट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव आर्ट / ज़ी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मीडिया आर्ट) की ओर से गुरुनानक खालसा विमेंस कॉलेज में आधुनिक डिजिटल तकनीकों पर आधारित एक विशेष जागरूकता एवं अनुभवात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) जैसी उन्नत तकनीकों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम के दौरान ज़ीका ज़ीमा की विशेषज्ञ टीम ने लाइव डेमो के माध्यम से वीआर हेडसेट का उपयोग कर वर्चुअल वातावरण का वास्तविक अनुभव कराया। वहीं एआर तकनीक के जरिए डिजिटल ऑब्जेक्ट्स को वास्तविक दुनिया में प्रस्तुत कर उसकी उपयोगिता और संभावनाओं को समझाया गया। छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की और आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक पहलुओं को करीब से जाना।
संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि एआर/वीआर तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स), गेमिंग, फिल्म निर्माण, आर्किटेक्चर, मेडिकल ट्रेनिंग और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने वर्ष 2026 के केंद्रीय बजट में एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग एंड कॉमिक्स) सेक्टर को मिली प्राथमिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र युवाओं के लिए नए और व्यापक करियर अवसर खोल रहा है।
कॉलेज की प्रिंसिपल मनिता कहलों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के तकनीकी कार्यक्रम छात्राओं के ज्ञान, कौशल और रचनात्मक सोच को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा के लिए ऐसे अनुभवात्मक सत्र समय की आवश्यकता हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने इसे ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव बताया।
इस अवसर पर ज़ीका ज़ीमा लुधियाना के डायरेक्टर तरुण सहगल सहित डॉ. सतीश कुमार, रवीना सहगल, प्रिंसिपल मनिता कहलों, राजविंदर कौर, दिवेश सिंह, सफ़कत हुसैन, युवराज, वैभव, बिस्वास और प्रभजोत सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।