शिमला, संजू-:हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोग की माननीय अध्यक्षा विजया राहतकर ने की।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, रजिस्ट्रार, वरिष्ठ शिक्षाविद, पुलिस अधिकारी, शिमला प्रशासन के प्रतिनिधि, छात्र प्रतिनिधि और अधिवक्तागण उपस्थित रहे।अध्यक्ष विजया राहतकर ने अपने संबोधन में कहा कि “विश्वविद्यालयों में आंतरिक शिकायत निवारण समितियाँ केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि व्यवहारिक रूप से सक्रिय रहें। शिकायतों का निस्तारण पारदर्शिता, जवाबदेही और गोपनीयता के साथ होना चाहिए, ताकि प्रत्येक छात्रा यह विश्वास कर सके कि उसका संस्थान उसके साथ खड़ा है। यही एक सुरक्षित परिसर की असली पहचान है।”परामर्श कार्यक्रम में संस्थानों में सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण बनाए रखने, शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने, POSH प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन तथा पुलिस और शिक्षण संस्थानों के समन्वय को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।