चंडीगढ़। हरियाणा और अफ्रीकी देशों के बीच आर्थिक व रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से “पांचजन्य 2026: हरियाणा–अफ्रीका पार्टनरशिप मीट” का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की, जिसमें अफ्रीकी देशों के करीब 20 राजदूतों ने भाग लिया।
बैठक में केंद्र व राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। बैठक में “विकसित भारत–विकसित हरियाणा” की थीम के तहत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा तेजी से औद्योगिक, तकनीकी और आर्थिक विकास की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में अफ्रीकी देशों के साथ साझेदारी से दोनों पक्षों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कृषि, ऊर्जा, सेवा क्षेत्र और आधुनिक तकनीक जैसे प्रमुख सेक्टरों में संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं पर जोर दिया।
बैठक में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने, निवेश के नए अवसर तलाशने और स्टार्टअप व इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर भी मंथन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा अपने मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग-अनुकूल नीतियों और कुशल मानव संसाधन के कारण विदेशी निवेशकों के लिए एक आकर्षक राज्य बनता जा रहा है।
अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधियों ने भी हरियाणा के साथ सहयोग बढ़ाने में रुचि दिखाई। उन्होंने कृषि-प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी सेवाओं और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को उपयोगी बताया और संयुक्त प्रयासों की जरूरत पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि इस प्रकार की बैठकों से न केवल अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि हरियाणा की अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार में भी नए अवसर खुलेंगे। सरकार का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से हरियाणा को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना और “विकसित भारत–विकसित हरियाणा” के विजन को साकार करना है।