फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला में हुए ‘सुनामी’ झूला हादसे ने प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। घटना के पांच दिन बाद भी प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति अपनी रिपोर्ट सौंपने में नाकाम रही है, जबकि शुरुआत में दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने का दावा किया गया था।
उधर, आपराधिक जांच के लिए गठित पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। सूत्रों के अनुसार, प्रशासनिक अधिकारी एसआईटी के सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं और झूले से जुड़े अहम दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे, जिससे जांच की रफ्तार प्रभावित हो रही है। अब एसआईटी अपने स्तर पर जरूरी दस्तावेज जुटाने में जुटी है।
एसआईटी ने मांगे ये अहम दस्तावेज
एसआईटी ने झूले की एनओसी, टेंडर प्रक्रिया का विवरण, मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट, निरीक्षण समिति की रिपोर्ट, झूला स्थापित करने से पहले मिट्टी की जांच रिपोर्ट तथा संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के नाम सहित कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इस संबंध में प्रशासन को औपचारिक पत्र भी भेजा गया है।
सूत्रों का दावा है कि मेले में झूला लगाने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई। बिना वैध एनओसी के झूला स्थापित किया गया, निर्माण प्रमाणपत्र की जांच नहीं हुई, निरीक्षण समिति ने कथित तौर पर औपचारिकता निभाई और जमीन की गुणवत्ता की जांच भी नहीं कराई गई। इन सभी पहलुओं की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों पर बताई जा रही है।
जांच में जुटी एसआईटी
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद सबूत जुटाना पुलिस की जिम्मेदारी है। ऐसे में एसआईटी हर पहलू की गहन जांच कर रही है। मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि झूले से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। प्रशासन से भी कुछ जानकारियां मांगी गई हैं, जो मिलते ही जांच को गति दी जाएगी।
गौरतलब है कि 7 फरवरी को मेले में ‘सुनामी’ झूला टूटने से इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी। इस प्रकरण में दो अलग-अलग जांच समितियां गठित की गई हैं—एक प्रशासन की ओर से और दूसरी पुलिस की एसआईटी द्वारा।
इस बीच झूले का ऑपरेटर अदनान फरार हो गया है। एसआईटी को उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं और गिरफ्तारी की आशंका के बाद वह गायब हो गया। पुलिस पहले ही टेंडर हासिल करने वाले मोहम्मद शाकिर और नितेश को गिरफ्तार कर चुकी है।
मामले ने प्रशासनिक जवाबदेही और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।