झज्जर | झज्जर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। चरित्र पर शक के चलते एक सीए पति ने अपनी बैंककर्मी पत्नी की तेजधार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को सड़क से दूर एक सूखे रजवाहे में फेंक दिया और पुलिस को गुमराह करने के लिए लूट व मारपीट की झूठी कहानी भी गढ़ दी। हालांकि, पुलिस की सख्ती के आगे आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
यह मामला पाहसोर गांव के पास इंडोस्पेस कंपनी के नजदीक का बताया जा रहा है। मृतका की पहचान हांसी के सेठी चौक स्थित तिकोना पार्क निवासी महक (28) के रूप में हुई है। महक गुरुग्राम स्थित एचडीएफसी बैंक में कार्यरत थी। वहीं आरोपी पति अंशुल धवन, हिसार के सेक्टर-33 का निवासी है और पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बताया गया है।
जानकारी के अनुसार महक और अंशुल की शादी करीब पांच महीने पहले 25 सितंबर 2025 को हुई थी। शाम दोनों कार में सवार होकर हिसार से गुरुग्राम के लिए निकले थे। रास्ते में वे करीब 10 मिनट के लिए हांसी में भी रुके। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपी ने पत्नी की गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने शव को सड़क से करीब 100 मीटर अंदर एक सूखे रजवाहे में फेंक दिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद अंशुल ने खुद पुलिस को सूचना दी कि उनके साथ मारपीट और छीना-झपटी हुई है, जिसमें उसकी पत्नी की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो महिला का शव खून से लथपथ हालत में मिला।
पुलिस को आरोपी के बयान शुरू से ही संदिग्ध लगे। जब थाना बादली प्रभारी सुरेश हुड्डा के नेतृत्व में टीम ने वैज्ञानिक तरीके से जांच और सख्ती से पूछताछ की, तो आरोपी ने स्वीकार कर लिया कि उसने चरित्र पर शक और विवाद के चलते पत्नी की हत्या की है।
मृतका के भाई अक्षय ने आरोप लगाया कि अंशुल अक्सर महक के चरित्र पर सवाल उठाकर उसे मानसिक रूप से परेशान करता था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल में करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।