नई दिल्ली I नौकरीपेशा वर्ग के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। प्रस्तावित न्यू इनकम टैक्स एक्ट 2026 के तहत सरकार टैक्स ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी में है, जिससे सैलरी से कटने वाला कर बोझ कम हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्रस्तावित संशोधनों से मध्यम वर्ग के कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में सालाना 25,000 से 80,000 रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है।
टैक्स फ्री आय सीमा में बढ़ोतरी
नई व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को टैक्स फ्री करने का प्रस्ताव है। साथ ही धारा 87A के तहत मिलने वाले रिबेट को बढ़ाकर 60,000 रुपये किए जाने की चर्चा है। इससे बड़ी संख्या में करदाताओं को सीधा फायदा मिल सकता है और उनकी वार्षिक बचत में उल्लेखनीय इजाफा होगा।
HRA नियमों में संशोधन
मेट्रो शहरों में रहने वाले कर्मचारियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के प्रावधानों को और उदार बनाने की तैयारी है। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों में अब बेसिक सैलरी का 50 प्रतिशत तक HRA क्लेम किया जा सकेगा। इससे टैक्सेबल इनकम घटेगी और हाथ में आने वाली रकम बढ़ेगी।
स्टैंडर्ड डिडक्शन में इजाफा
सैलरीड कर्मचारियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये तक किए जाने की संभावना है। इससे कर योग्य आय में सीधी कमी आएगी।
बच्चों के अलाउंस में बड़ा बदलाव
शिक्षा और हॉस्टल अलाउंस की सीमा को महंगाई के अनुरूप बढ़ाने का प्रस्ताव है। बच्चों के लिए मिलने वाला अलाउंस और हॉस्टल भत्ता कई गुना बढ़ सकता है, जिससे परिवारों को अतिरिक्त टैक्स राहत मिलेगी।
गिफ्ट वाउचर पर राहत
कंपनी की ओर से मिलने वाले गिफ्ट वाउचर की टैक्स फ्री सीमा 5,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये किए जाने की तैयारी है। इससे त्योहारों या पुरस्कार के रूप में मिलने वाले लाभ पर कर दबाव कम होगा।
हालांकि अंतिम लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि करदाता कौन-सा टैक्स रिजीम चुनता है और उसकी सैलरी संरचना कैसी है, लेकिन प्रस्तावित बदलावों से वेतनभोगी वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।