रोहतक I पोलंगी गांव में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के बाद परिवार का एकमात्र प्रत्यक्ष गवाह जगमेंद्र सिंह उर्फ नान्हा गांव छोड़ने को मजबूर हो गया है। वह फिलहाल पुलिस सुरक्षा में अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहा है। जगमेंद्र ने अब तक की पुलिस कार्रवाई और गांव में सहयोग न मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है।
जगमेंद्र का आरोप है कि उसके भाइयों कर्मबीर उर्फ बुल्ला और कुलदीप की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गई। उसके अनुसार जुलाई में एक पुराने मामले में अदालत में गवाही निर्धारित थी, जिसे रोकने के उद्देश्य से वारदात को अंजाम दिया गया। सुरक्षा कारणों से दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार गांव के बजाय शहर में करना पड़ा।
इस मामले में पुलिस ने पूर्व सरपंच रणधीर और अमित को गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। अपराध जांच शाखा (द्वितीय) के प्रभारी सतीश कादियान के मुताबिक अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
जगमेंद्र ने बताया कि वे छह भाई थे, जिनमें से तीन की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। हाल के वर्षों में वह कर्मबीर और कुलदीप के साथ रह रहा था। वर्ष 2024 में गांव के एक युवक पर आरोप है कि उसने ट्रैक्टर से टक्कर मारकर कर्मबीर और उसे घायल कर दिया था। कर्मबीर को गंभीर चोटें आई थीं। परिवार का आरोप है कि उस घटना को जानलेवा हमले की बजाय सड़क हादसा दर्शाया गया, जबकि उसी मामले में जुलाई में गवाही होनी थी।
जगमेंद्र का कहना है कि घटना के दिन वह 2019 के एक पुराने मामले में पेशी के सिलसिले में रोहतक कोर्ट गया हुआ था, जिस कारण उसकी जान बच गई। उसने यह भी स्पष्ट किया कि किशोरी के अपहरण मामले से उसका कोई संबंध नहीं है और उसी बहाने दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
परिवार ने घर से 37 हजार रुपये गायब होने का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि केवल तीन हजार रुपये बरामद हुए हैं। साथ ही, कथित तौर पर तीनों भाइयों के पास तलवार होने की बात कही गई थी, लेकिन अब वे तलवारें कहां हैं, इस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर पूछताछ जारी है।