मोहाली I कार्य क्षेत्र का बदलता स्वरूप अब विद्यार्थियों के पहली नौकरी में प्रवेश से पहले ही आकार ले रहा है। इसी परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए मोहाली स्थित सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली ने कैपजेमिनी के सहयोग से परिसर में “कोडएक्सपीरियंस केंद्र” का शुभारंभ किया है। यह केंद्र विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल जैसा अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
यह केंद्र पारंपरिक संगणक प्रयोगशाला से अलग एक जीवंत और सहभागितापूर्ण वातावरण प्रदान करता है। विश्वविद्यालय के संस्थापक चांसलर, फादर ऑफ एजुकेशन, सरदार रशपाल सिंह धालीवाल, की दूरदर्शी सोच के अनुरूप इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशलआत्मविश्वास और कार्य कुशलता के साथ तैयार करना है।
यह केंद्र विश्वविद्यालय और कैपजेमिनी के बीच शैक्षणिक सहयोग को और सुदृढ़ करता है। इसमें उद्योग स्तर की कार्यप्रणालियाँ, प्रक्रियाएँ और परियोजना आधारित कार्य व्यवस्था को शैक्षणिक ढांचे में समाहित किया गया है। केंद्र को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यह आधुनिक प्रौद्योगिकी संगठनों की कार्यसंस्कृति, गति और सहयोगात्मक वातावरण को प्रतिबिंबित करता है।
कोडएक्सपीरियंस केंद्र में सामूहिक कोड लेखन क्षेत्र, विचार-विमर्श कक्ष, व्यवस्थित विकास इकाइयां और एकीकृत डिजिटल सिस्टम स्थापित की गई हैं, जहाँ विद्यार्थी उद्योग-अनुरूप साधनों और प्रक्रियाओं के माध्यम से जीवंत परियोजना अभ्यास कर सकेंगे। यह केंद्र एक समय में पाँच सौ से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता में सक्षम है और क्षेत्र के सबसे बड़े उद्योग-संलग्न शिक्षण केंद्रों में से एक है।
उद्घाटन समारोह में संस्थापक चांसलर, फादर ऑफ एजुकेशन, सरदार रशपाल सिंह धालीवाल, प्रबंध निदेशक अर्श धालीवाल, कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सुशील प्रशार सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और कैपजेमिनी के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संस्थापक चांसलर, फादर ऑफ एजुकेशन, सरदार रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा को समय के साथ स्वयं को निरंतर परिवर्तित करना चाहिए, ताकि विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के दौरान ही व्यावसायिक अपेक्षाओं से परिचित हो सकें। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय सदैव शैक्षणिक कठोरता के साथ व्यवहारिक अनुभव को जोड़ने पर बल देता रहा है।
प्रबंध निदेशक अर्श धालीवाल ने इस सहयोग को दीर्घकालिक उद्योग संरेखण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को संगठित रूप से उद्योग स्तर की चुनौतियों, सामूहिक समस्या समाधान और समकालीन डिजिटल प्रौद्योगिकियों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।
कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सुषिल प्रशार ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना विश्वविद्यालय को देश का अग्रणी उद्योग-संलग्न शिक्षण केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहाँ उद्योग अनुभव को शैक्षणिक व्यवस्था का अभिन्न अंग बनाया गया है।
यह केंद्र सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, पूर्ण अनुप्रयोग विकास, क्लाउड आधारित प्रणालियों, आँकड़ा-आधारित तंत्रों तथा उभरती डिजिटल प्रौद्योगिकियों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में संरचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। जीवंत परियोजनाओं, कार्यप्रणाली आधारित असाइनमेंट, विशेषज्ञ संवाद और उद्योग मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थी पेशेवर तकनीकी टीमों की कार्यशैली को समझ सकेंगे। इसके अतिरिक्त, यह केंद्र संकाय प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम समन्वय की दिशा में भी कार्य करेगा, जिससे शैक्षणिक सामग्री उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप बनी रहे। यह सहयोग केवल आधारभूत ढांचे के विकास तक सीमित न होकर एक दीर्घकालिक शैक्षणिक साझेदारी के रूप में कार्य करेगा।
उद्घाटन समारोह में कैपजेमिनी के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिनमें समीर शाह, कार्यकारी उपाध्यक्ष (अनुसंधान एवं विकास – भारत), आशीष मिनोचा, उपाध्यक्ष (डिजिटल ग्राहक अनुभव – भारत), पुनीत कुमरा, उपाध्यक्ष एवं प्रमुख (प्रारंभिक करियर कार्यक्रम – भारत) तथा सुमन भट्टाचार्य, निदेशक (प्रारंभिक करियर कार्यक्रम – भारत) शामिल थे। समारोह में इनके साथ सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं शिक्षाविद् भी मौजूद रहे।
कोडएक्सपीरियंस केंद्र के शुभारंभ के साथ सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वह ऐसा शिक्षण वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ उद्योग अनुभव और शैक्षणिक शिक्षा का समन्वय सुनिश्चित हो, और विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ पेशेवर जीवन में प्रवेश कर सकें।