अंबाला I अंबाला में बन रहे रिंग रोड को लेकर किसानों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। पांच राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली इस परियोजना का आधे से अधिक काम पूरा हो चुका है, लेकिन गांव सपेड़ा और आसपास के ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। किसानों की मांग है कि रिंग रोड निर्माण के दौरान उनके खेतों तक आने-जाने का वैकल्पिक रास्ता दिया जाए।
यह रिंग रोड अंबाला को चंडीगढ़ (NH-152), रुड़की (NH-344), जगाधरी (NH-444A), दिल्ली-अमृतसर (NH-44) और हिसार (NH-65) से जोड़ेगा। प्रशासन का कहना है कि इससे क्षेत्र में यातायात सुगम होगा, जबकि किसानों का आरोप है कि परियोजना के कारण उनके खेतों तक पहुंच प्रभावित होगी और बरसाती पानी की निकासी की समस्या खड़ी हो सकती है।
गांव सपेड़ा में किसान पिछले 10 दिनों से धरने पर बैठे थे। किसानों का कहना है कि एनएचएआई अधिकारियों से कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। आरोप है कि इसके बाद किसानों ने निर्माण कार्य में लगी मशीनों की घेराबंदी की, जिससे हालात बिगड़ गए।
गुरुवार को पुलिस ने धरना स्थल से तंबू हटाए और कई किसानों को हिरासत में ले लिया। कार्रवाई से नाराज किसान अंबाला-जगाधरी नेशनल हाईवे की ओर बढ़े, जिसके बाद वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते हुए बसों में बैठाकर थाने पहुंचाया।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष मलकीत सिंह ने आरोप लगाया कि किसान शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन एनएचएआई की शिकायत पर पुलिस ने जबरन कार्रवाई की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है।