पंचकूला। हरियाणा विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान महात्मा गांधी को लेकर की गई टिप्पणी से सदन में तीखा विवाद खड़ा हो गया। भाजपा विधायक रामकुमार गौतम के बयान पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध जताते हुए स्पीकर के आसन के सामने प्रदर्शन किया, जिससे करीब 15 मिनट तक कार्यवाही बाधित रही।
दरअसल, धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सफीदों से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने देश विभाजन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए महात्मा गांधी के अनशन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सही समय पर अनशन किया जाता तो हालात अलग हो सकते थे। उनके इस बयान पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई और नारेबाजी शुरू कर दी।
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने हस्तक्षेप करते हुए आपत्तिजनक शब्दों को कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हो सकी।
चर्चा के दौरान भाजपा विधायक घनश्याम दास ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन कपूर सिंह ने किया। विपक्ष की ओर से अशोक अरोड़ा ने सरकार को घेरते हुए धान घोटाले, रोहतक टेलीकॉम मामले और हरियाणा कौशल रोजगार निगम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिभाषण में स्वास्थ्य, प्रदूषण, पशुपालन और परिवहन जैसे अहम मुद्दों का उल्लेख नहीं किया गया।
विवाद के बीच मंत्री कृष्ण बेदी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए पूर्ववर्ती सरकार पर क्षेत्रवाद और पक्षपात के आरोप लगाए। इस पर कांग्रेस विधायकों ने फिर से विरोध दर्ज कराया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने भी हस्तक्षेप करते हुए सदन में व्यवस्था बनाए रखने की मांग की।
एचपीएससी समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष को सदन न छोड़ने की चुनौती देते हुए कहा कि वे हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। इस पर विपक्ष ने सरकार पर बहस से बचने का आरोप लगाया।
कुल मिलाकर महात्मा गांधी पर की गई टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद पूरे सत्र के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया।