झारखंड | झारखंड के चतरा जिले में रेडबर्ड एयरवेज का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद जांच में सामने आया कि विमान में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) यानी ब्लैक बॉक्स मौजूद नहीं था। विमान दुर्घटनाओं की जांच में ब्लैक बॉक्स को सबसे अहम तकनीकी साक्ष्य माना जाता है, ऐसे में इसके अभाव ने जांच एजेंसियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है।
जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान Beechcraft C90 (ट्विन टर्बोप्रॉप) था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-AJV है। इस विमान का अधिकतम टेक-ऑफ वजन 4583 किलोग्राम था और इसे वर्ष 1987 में एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट जारी किया गया था।
नियमों के मुताबिक 5700 किलोग्राम से अधिक वजन वाले विमानों में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर अनिवार्य होता है। वहीं 5700 किलोग्राम या उससे कम वजन वाले मल्टी-इंजन टर्बाइन विमानों में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर तभी अनिवार्य है, जब उनका एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट 1 जनवरी 1990 के बाद जारी हुआ हो। चूंकि यह विमान 1990 से पहले प्रमाणित था और उसका वजन भी निर्धारित सीमा से कम था, इसलिए उस समय के नियमों के तहत इसमें ब्लैक बॉक्स लगाना अनिवार्य नहीं था।
बताया गया है कि विमान ने शाम करीब 7:11 बजे रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। टेक-ऑफ के लगभग 23 मिनट बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया और रडार से सिग्नल गायब हो गया। पायलट ने उड़ान के दौरान खराब मौसम के चलते रूट बदलने की अनुमति भी मांगी थी। बाद में विमान चतरा जिले के सिमरिया के पास जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त पाया गया।
ब्लैक बॉक्स नहीं होने के कारण एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को हादसे के कारणों की तह तक पहुंचने में तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जांच जारी है।