नई दिल्ली | अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक हवाई सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मध्य पूर्व में हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों के कारण भारतीय एयरलाइन इंडिगो ने पिछले चार दिनों में 500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एयरलाइन ने एक नियामकीय फाइलिंग में बताया कि 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच मध्य पूर्व और कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए संचालित होने वाली कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा। कंपनी के अनुसार ईरान और खाड़ी क्षेत्र के ऊपर हवाई क्षेत्र में लगातार हो रहे बदलाव और सुरक्षा प्रतिबंधों के चलते यह फैसला लिया गया।
इंडिगो ने कहा कि उसकी परिचालन टीम क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत के अनुसार उड़ान कार्यक्रम में बदलाव किया जा रहा है। साथ ही भारत और संबंधित अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर यात्रियों की असुविधा कम करने के लिए विशेष प्रत्यावर्तन (रिपेट्रिएशन) योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
रद्द की गई उड़ानों में दुबई, अबू धाबी, दोहा, जेद्दा और मदीना जैसे प्रमुख गंतव्यों की सेवाएं शामिल हैं, क्योंकि इन मार्गों से गुजरने वाले हवाई क्षेत्र पर सबसे अधिक असर पड़ा है। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को रिफंड, वैकल्पिक उड़ान या रीबुकिंग की सुविधा देने की घोषणा की है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार मौजूदा हालात के चलते 3 मार्च तक भारतीय एयरलाइंस की 1,221 और विदेशी कंपनियों की 388 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 3 मार्च को भारत से केवल 356 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित हुईं, जबकि 338 उड़ानें विभिन्न भारतीय हवाई अड्डों पर उतरीं।
एयरलाइन ने यह भी कहा है कि वह क्षेत्रीय हालात और उनके राजस्व पर पड़ने वाले प्रभाव पर लगातार नजर बनाए हुए है। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण 28 फरवरी से अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं पर व्यापक असर देखा जा रहा है।