नई दिल्ली | महाराष्ट्र के नागपुर जिले के राउलगांव स्थित एक विस्फोटक फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने बड़ा हादसा पैदा कर दिया। एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की फैक्ट्री में हुए इस विस्फोट में 19 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 24 अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और फैक्ट्री परिसर धुएं और आग की लपटों से घिर गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विस्फोट फैक्ट्री की डेटोनेटर पैकिंग यूनिट में हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में भी कंपन महसूस किया गया। हादसे में मृत और घायल हुए मजदूरों में अधिकतर महिलाएं बताई जा रही हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
मामले में नागपुर ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं कंपनी के दो मैनेजिंग डायरेक्टर सहित कुल 10 आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है, ताकि वे देश छोड़कर फरार न हो सकें। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
जांच के लिए पुलिस ने पांच विशेष टीमों का गठन किया है। इनमें से कुछ टीमें अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर रही हैं, जबकि एक टीम पड़ोसी राज्यों में संभावित सुराग तलाश रही है।
हादसे के बाद पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) और डायरेक्टोरेट ऑफ इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ (DISH) ने भी जांच शुरू कर दी है। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और फोरेंसिक विशेषज्ञ विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए रासायनिक अवशेष, स्टोरेज व्यवस्था और तकनीकी खामियों की जांच कर रहे हैं।