चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में अनुसूचित वर्ग (एससी) के वोट बैंक को साधने की कोशिशें एक बार फिर तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए अंबाला जिले की मुलाना विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाकर एससी वर्ग को साधने का बड़ा दांव चला है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कांग्रेस का यह फैसला केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले पंजाब चुनाव को भी ध्यान में रखकर लिया गया माना जा रहा है। पंजाब में अनुसूचित वर्ग की आबादी करीब 32 प्रतिशत है, ऐसे में पार्टी एससी समुदाय में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
कांग्रेस पहले से ही हरियाणा में एससी वर्ग से दो सांसदों के जरिए संसद में प्रतिनिधित्व कर रही है। अंबाला लोकसभा क्षेत्र से वरुण चौधरी और सिरसा से कुमारी सैलजा इस वर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यदि कर्मवीर सिंह बौद्ध राज्यसभा पहुंचते हैं तो पार्टी को उच्च सदन में भी एससी समुदाय से एक और प्रतिनिधि मिल जाएगा।
दरअसल, हरियाणा में एससी वोट बैंक पिछले कुछ चुनावों से काफी अहम बन चुका है। राज्य में करीब 21 प्रतिशत मतदाता अनुसूचित वर्ग से जुड़े हैं, जबकि 30 प्रतिशत से अधिक ओबीसी और लगभग 24 प्रतिशत जाट मतदाता हैं। ऐसे में लोकसभा और विधानसभा चुनावों में एससी वोट बैंक को साधना सभी राजनीतिक दलों के लिए जरूरी हो गया है। बसपा का पारंपरिक वोट बैंक लगातार कमजोर पड़ने के कारण अन्य दल भी इस वर्ग को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
कर्मवीर सिंह बौद्ध मूल रूप से रोहतक जिले के महम के पास स्थित भैनी महाराजपुर गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में चंडीगढ़ में निवास कर रहे हैं। उनका अंबाला जिले की मुलाना विधानसभा से भी पुराना जुड़ाव रहा है। वह हरियाणा सिविल सचिवालय में प्रशासकीय अधिकारी के पद से करीब पांच वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए थे।
कांग्रेस संगठन में भी उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं। वह पार्टी के एससी सेल के हिमाचल प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय समन्वयक रह चुके हैं। इसके अलावा बिहार सहित कई राज्यों के चुनावों में भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मुलाना सीट से कांग्रेस टिकट के लिए आवेदन भी किया था, हालांकि उस समय उन्हें टिकट नहीं मिल सका था। कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और ‘संविधान बचाओ आंदोलन’ में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। उनकी पत्नी जुलाना की रहने वाली हैं और श्रम विभाग में सहायक पद पर कार्यरत हैं।