गुरुग्राम | असम में भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से गुरुग्राम के स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ की मौत हो गई। इस दुखद हादसे की खबर मिलते ही उनके घर में चल रही शादी की तैयारियां अचानक मातम में बदल गईं।
जानकारी के अनुसार, असम में वायुसेना का सुखोई-30 लड़ाकू विमान प्रशिक्षण मिशन पर था। विमान ने जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के कुछ ही समय बाद उसका संपर्क रडार से टूट गया। बाद में तलाशी अभियान के दौरान विमान का मलबा कार्बी आंगलोंग क्षेत्र में, जोरहाट से करीब 60 किलोमीटर दूर मिला। इस दुर्घटना में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई।
वायुसेना ने पुष्टि की है कि हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर की जान चली गई। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए वायुसेना ने जांच शुरू कर दी है।
स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ गुरुग्राम के सेक्टर-22 के निवासी थे। उनके पिता आनंद कुमार भारतीय सेना में सुबेदार के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परिवार और रिश्तेदारों के मुताबिक अनुज ने करीब दस वर्ष पहले भारतीय वायुसेना में शामिल होकर देश सेवा की राह चुनी थी और अपने परिवार का नाम रोशन किया था।
परिजनों ने बताया कि अनुज की शादी जल्द होने वाली थी और घर में इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ था और परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन विमान हादसे की खबर मिलते ही पूरा परिवार गहरे सदमे में डूब गया।
स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों ने अनुज वशिष्ठ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी बताया। वहीं भारतीय वायुसेना ने भी हादसे पर दुख जताते हुए जांच के बाद कारणों का खुलासा करने की बात कही है।