Summer Express ,गुरुग्राम | गुरुग्राम नगर निगम की एक महत्वाकांक्षी मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि जिस जमीन पर पार्किंग निर्माण होना था, वह नगर निगम को औपचारिक रूप से हस्तांतरित भी नहीं हुई थी, इसके बावजूद ठेकेदार को करीब 2.49 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया।
सदर बाजार क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस के पास प्रस्तावित इस मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना की अनुमानित लागत करीब 49.03 करोड़ रुपये बताई गई थी। योजना का उद्देश्य शहर में बढ़ती पार्किंग समस्या को कम करना और बाजार क्षेत्र में आने वाले लोगों को सुविधाजनक पार्किंग उपलब्ध कराना था। हालांकि, ठेका दिए जाने के छह साल बाद भी परियोजना का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
दस्तावेजों के अनुसार इस परियोजना का ठेका 12 फरवरी 2020 को मैसर्स नानू राम गोयल एंड कंपनी को दिया गया था। प्रस्तावित योजना के तहत यहां तीन बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पांच मंजिल का आधुनिक पार्किंग ढांचा बनाया जाना था, जिसमें लगभग 378 चार पहिया और 144 दोपहिया वाहनों को खड़ा करने की सुविधा विकसित की जानी थी।
लेकिन जमीन से जुड़ी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी न होने के कारण परियोजना की शुरुआत ही नहीं हो सकी। इसके बावजूद जनवरी 2020 में ठेकेदार को मशीनरी मोबिलाइजेशन के नाम पर लगभग ढाई करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान कर दिया गया। इस भुगतान को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक जिस जमीन पर यह पार्किंग बननी है, वह करीब 3700 गज क्षेत्र में फैली है और इसके लिए निगम पहले ही लगभग 43.66 करोड़ रुपये जमा कर चुका है। इसके अलावा यहां मौजूद पुरानी इमारत को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को करीब 17 लाख रुपये भी दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही दोबारा टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बिना जमीन उपलब्ध हुए ठेका देने और अग्रिम भुगतान करने की पूरी प्रक्रिया की जांच होना जरूरी है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यदि पुराना ठेकेदार तय समय में काम शुरू नहीं करता है तो उससे दी गई राशि की वसूली की जाएगी और परियोजना के लिए नया टेंडर जारी किया जाएगा।