Summer Express, चंडीगढ़। हरियाणा में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था इन दिनों तकनीकी समस्याओं के कारण बुरी तरह प्रभावित हो गई है। प्रदेश के करीब 9300 राशन डिपो पर लगी पुरानी और कंडम हो चुकी बायोमीट्रिक मशीनों का सर्वर बंद होने से मार्च महीने का राशन अब तक वितरित नहीं हो पाया है। इसके कारण लगभग 1.59 करोड़ लाभार्थियों को सरकारी अनाज मिलने में देरी हो रही है।
जानकारी के अनुसार राज्य में राशन वितरण के लिए उपयोग की जा रही पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें काफी पुरानी हो चुकी हैं और 2जी नेटवर्क पर आधारित हैं। 5जी के दौर में इन मशीनों की धीमी नेटवर्क स्पीड, सॉफ्टवेयर अपडेट में दिक्कत और बैटरी खराब होने जैसी समस्याओं के कारण डिपो होल्डरों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है। आमतौर पर हर महीने की 1 से 3 तारीख के बीच राशन वितरण पूरा हो जाता था, लेकिन इस बार 10 मार्च तक भी प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
सिरसा जिले के कालांवाली निवासी नाजर सिंह का कहना है कि उन्हें हर महीने तय समय पर राशन मिल जाता था, लेकिन इस बार 10 तारीख तक भी सरकारी डिपो से अनाज नहीं मिला है। लोग राशन लेने के लिए बार-बार डिपो पर जा रहे हैं, लेकिन डिपो संचालक मशीन का सर्वर बंद होने की बात कहकर इंतजार करने को कह रहे हैं।
दरअसल, प्रदेश में वर्ष 2017 में ऑनलाइन प्रणाली लागू होने के बाद राशन वितरण के लिए बायोमीट्रिक आधारित पीओएस मशीनें डिपो होल्डरों को उपलब्ध कराई गई थीं। नवंबर 2016 में ट्रायल के बाद जून 2017 से इन्हें पूरी तरह लागू किया गया था। इन मशीनों का मासिक किराया करीब 1250 रुपये है, लेकिन इनमें केवल बायोमीट्रिक पहचान की सुविधा ही उपलब्ध है।
डिपो होल्डरों का कहना है कि इन पुरानी मशीनों में सर्वर और सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्याएं अक्सर आती रहती हैं। कालांवाली क्षेत्र के गांव हस्सू के डिपो संचालक हरविंदर सिंह गिल के अनुसार पहले कभी-कभार एक-दो दिन की देरी होती थी, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर है और 10 मार्च तक भी राशन वितरण शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि नई मशीनें लगाने की मांग पहले भी विभाग के सामने उठाई जा चुकी है।
प्रदेश में मार्च तक कुल 39,88,155 राशन कार्ड धारक हैं। यदि प्रति कार्ड औसतन चार सदस्यों को माना जाए तो करीब 1 करोड़ 59 लाख से अधिक लोग सरकारी राशन पर निर्भर हैं। ऐसे में वितरण व्यवस्था प्रभावित होने से बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी का कहना है कि मशीनों के कंडम हो जाने और सर्वर में तकनीकी खामियों के कारण पूरे प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था ठप हो गई है। कई जगहों पर कार्डधारक नाराज होकर डिपो संचालकों से उलझ रहे हैं, जबकि वास्तविक समस्या तकनीकी सिस्टम की है।
वहीं प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने कहा कि तकनीकी खामी को जल्द दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं और लाभार्थियों को जल्द ही मार्च महीने का राशन मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने डिपो होल्डरों को करीब 10 हजार नई 5जी आधारित पीओएस मशीनें उपलब्ध कराने के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न आए।