Summer Express, गुरुग्राम | शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ई-मेल मामले में जांच के दौरान अहम जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह धमकी भरा ई-मेल अमेरिका स्थित सर्वर से भेजा गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी सर्वर का इस्तेमाल जनवरी में भेजी गई धमकी भरी ई-मेल में भी किया गया था।
गुरुग्राम के एक दर्जन से अधिक नामी स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इनमें डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-46 स्थित एमिटी स्कूल, प्रज्ञानम स्कूल, द श्रीराम मिलेनियम स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल, कुंशका पब्लिक स्कूल, लान्सर्स पब्लिक स्कूल, हेरिटेज एक्सपेरिमेंटल स्कूल, शिव नादर स्कूल और श्रीराम अरावली स्कूल समेत कई अन्य शिक्षण संस्थान शामिल थे।
धमकी भरा ई-मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने सभी स्कूल परिसरों में सघन तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा के मद्देनजर छात्रों और स्टाफ को कैंपस से बाहर निकालकर पूरे परिसर की जांच की गई। हालांकि जांच के दौरान किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ई-मेल का मकसद केवल दहशत फैलाना था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और साइबर क्राइम टीम इसकी तकनीकी जांच कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि धमकी भरे ई-मेल में खुद को खालिस्तान समर्थक बताने वाले लोगों ने इसकी जिम्मेदारी ली है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल ई-मेल की सत्यता और भेजने वाले की पहचान की पुष्टि के लिए डिजिटल ट्रैकिंग की जा रही है।
लगातार दूसरी बार स्कूलों को इस तरह की धमकियां मिलने से शहर में अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही ई-मेल भेजने वालों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।