Summer Express, नारनौल। नगर परिषद द्वारा आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं की समस्या कम नहीं हो सकी है। नगर परिषद के दावों के अनुसार अब तक 870 पशुओं को पकड़ा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद शहर में हजारों की संख्या में सांड और गोवंश सड़कों, बाजारों और गलियों में घूमते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने मई 2025 में बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए ठेका जारी किया था। इसके तहत करीब 9 लाख 66 हजार रुपये खर्च कर लगभग 950 पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य तय किया गया था। अधिकारियों का दावा है कि दिसंबर 2025 तक 870 पशुओं को पकड़कर सिंघाना रोड स्थित नंदी गोशाला और गोपाल गोशाला में भेजा गया।
इसके बावजूद शहर में आवारा पशुओं की समस्या बरकरार है। बाजारों, मुख्य सड़कों और मोहल्लों में सांड और गोवंश के झुंड घूमते दिखाई देते हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। कई बार पशुओं के आपस में लड़ने के कारण राहगीर और वाहन चालक हादसों का शिकार भी हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अभी भी करीब 3,500 से अधिक बेसहारा पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर की सड़कों को पशु मुक्त क्यों नहीं किया जा सका।
नागरिकों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने और सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।