Summer Express, तेहरान | ईरान ने अपने वरिष्ठ नेता और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख अली लारिजानी की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। ईरानी सरकार के अनुसार, हालिया एयरस्ट्राइक में लारिजानी की मृत्यु हुई, जिससे क्षेत्र में पहले से जारी तनाव और गहरा गया है।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने एक बयान जारी कर लारिजानी को “शहीद” बताया और कहा कि उन्होंने इस्लामी गणराज्य के लिए जीवनभर महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। इस हमले में उनके बेटे और सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड्स की भी मौत हुई है।
गौरतलब है कि इससे पहले इजरायल ने दावा किया था कि उसने अपने सैन्य अभियान के तहत ईरान के वरिष्ठ नेतृत्व को निशाना बनाया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने लारिजानी को उन प्रमुख नेताओं में शामिल बताया था, जो हालिया हमलों में मारे गए। वहीं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि ये हमले ईरान के रणनीतिक ढांचे को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच यह घटना बेहद अहम मानी जा रही है। हाल के दिनों में ईरान के कई प्रमुख सैन्य और राजनीतिक पदाधिकारियों को निशाना बनाया गया है। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रही है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती जा रही है।
अली लारिजानी ईरान की राजनीति और सुरक्षा नीति के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते थे। वह 2008 से 2020 तक संसद अध्यक्ष रहे और देश की विदेश नीति व सुरक्षा रणनीति तय करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा, वह 2005 से 2007 तक ईरान के मुख्य परमाणु वार्ताकार भी रहे और यूरेनियम संवर्धन के पक्ष में मजबूत आवाज उठाते रहे।
उनकी मौत को ईरान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, वहीं इस घटना ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। स्थिति पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है।