चिंतपूर्णी, विकास -:हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में गगरेट के विधायक राकेश कालिया ने चिंतपूर्णी मंदिर से जुड़े हिस्सेदारों (शेयर होल्डर्स/बारीदारों) का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट द्वारा शेयर पक्के न किए जाने और इससे उत्पन्न कानूनी विवादों पर चिंता जताई।
विधायक ने कहा कि चिंतपूर्णी मंदिर, जो प्रदेश का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, अब विवादों में घिरता जा रहा है। उन्होंने बाबा बालक नाथ मंदिर, नैना देवी मंदिर और ज्वालामुखी मंदिर जैसे अन्य मंदिरों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की व्यवस्थाएं अपेक्षाकृत बेहतर हैं।राकेश कालिया ने बताया कि मंदिर में लगभग 600 से 700 हिस्सेदार हैं और वे स्वयं भी एक छोटे हिस्सेदार हैं। लेकिन कानूनी पेचीदगियों के चलते कई कार्य अटके हुए हैं। उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि कोर्ट के एक फैसले के कारण गरीबों के इलाज और शादियों के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लग गई है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले को आपसी सहमति या कोर्ट से बाहर सुलझाने की पहल की जाए, ताकि श्रद्धालुओं और हिस्सेदारों को राहत मिल सके।इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार हाई कोर्ट के फैसले और उसकी टिप्पणियों का गहन अध्ययन कर रही है। साथ ही, पुरानी परंपराओं को बनाए रखते हुए सभी पक्षों के साथ मिलकर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।