Summer express /शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश विधानसभा में अनुशासन और मर्यादा को लेकर अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सदन के भीतर सदस्यों के आचरण पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट किया कि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण मंच की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
अध्यक्ष ने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को समान रूप से नसीहत दी कि कार्यवाही के दौरान डेकोरम का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सदन में सभी को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है, लेकिन इसके लिए नियमों और समय की मर्यादा का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने उन सदस्यों को भी आड़े हाथों लिया जो बोलने का समय न मिलने की शिकायत कर रहे हैं।कुलदीप सिंह पठानिया ने अपने लंबे अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वे वर्ष 1985 से विधानसभा से जुड़े हुए हैं और सदन की कार्यप्रणाली को भली-भांति समझते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सदस्य अपेक्षाकृत नए हैं और संभवतः उन्हें नियमों की पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए उन्हें सदन की परंपराओं को समझना चाहिए।अध्यक्ष ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई सदस्य बार-बार देरी से आता है, नियमों की अनदेखी करता है या आसन का अपमान करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि अनुशासन और सम्मान बनाए रखना ही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है।