शिमला, संजू -:चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर गुरुवार से हिंदू नव वर्ष का शुभारंभ हो गया। देशभर में देवी भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। इस बीच शिमला स्थित ऐतिहासिक कालीबाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं का उत्साह विशेष रूप से नजर आया। खराब मौसम के बावजूद सुबह से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और अपने परिवार व समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां शैलपुत्री की उपासना से जीवन में स्थिरता, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।मंदिर के पुजारी मुक्ति चक्रवर्ती ने बताया कि चैत्र नवरात्रि के साथ ही हिंदू नव वर्ष की शुरुआत होती है, जिसे नव सृजन और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस समय प्रकृति में भी परिवर्तन दिखाई देता है और वातावरण में सकारात्मकता बढ़ती है।उन्होंने जानकारी दी कि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान निरंतर चल रहे हैं। देश और प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे, इसके लिए विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं।कालीबाड़ी मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व भी काफी विशेष है। नवरात्रों के दौरान यहां न केवल स्थानीय लोग बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह पावन पर्व एक बार फिर पूरे क्षेत्र को आस्था और संस्कृति के रंगों से सराबोर कर रहा है।