Summer express , लुधियाना। सलेम टाबरी इलाके में 9 साल के मासूम अमन की गला रेतकर हत्या के 41 दिन बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। मामले में अब पुलिस ने जनता से मदद लेने का फैसला किया है और आरोपी की सूचना देने वाले के लिए 20 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है।
पुलिस के इस कदम से स्पष्ट हो गया है कि आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी फुटेज के बावजूद आरोपी अजय, जो कासाबाद का रहने वाला है, अब तक कानून की पकड़ से बाहर है। शहर के मुख्य चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर आरोपी के पोस्टर लगाए गए हैं, लेकिन उनकी संख्या और प्रचार इतना सीमित है कि जनता में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मासूम अमन के मामा योगेश और अन्य परिजन पुलिस की धीमी कार्रवाई से आक्रोशित हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस के पास कातिल की पहचान, उसके पैर की खराबी का सुराग और सीसीटीवी फुटेज मौजूद है जिसमें वह नीले रंग की टोपी पहने साफ दिखाई दे रहा है, फिर भी आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही है। पुलिस का तर्क है कि आरोपी मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर रहा, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है।
परिजन आरोप लगाते हैं कि पुलिस केवल दूसरे राज्यों में दबिश देने का दिखावा कर रही है, जबकि जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती। मासूम के माता-पिता रो-रोकर बुरे हाल में हैं और वे सिर्फ यही चाहते हैं कि उनके बेटे का हत्यारा सलाखों के पीछे पहुंचे।
सलेम टाबरी पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि 20 हजार रुपये के इनाम के लालच में कोई मुखबिर या आम नागरिक आरोपी के बारे में जानकारी देगा। हालांकि सवाल बरकरार है कि क्या केवल इनाम रखने से आरोपी खुद-ब-खुद सामने आएगा या नहीं। इस घटना ने लुधियाना में सुरक्षा और पुलिस की तत्परता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।