शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान भाजपा ने सत्तारूढ़ सरकार पर तीखा हमला बोला। भाजपा विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि वर्तमान सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए लगातार विपक्ष, खासकर भारतीय जनता पार्टी, पर आरोप लगाने में जुटी हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय अपनी कार्यशैली और कमियों का गंभीरता से मूल्यांकन करना चाहिए।
राकेश जमवाल ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण किसी भी सरकार के कामकाज और प्राथमिकताओं का प्रतिबिंब होता है, लेकिन इस बार अभिभाषण को जिस तरह जल्दबाजी में समाप्त किया गया, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जमवाल के अनुसार, अभिभाषण में उठाए गए मुद्दों, विशेषकर संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े विषयों पर सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रियों और सत्ता पक्ष के विधायकों द्वारा लगातार भाजपा पर आरोप लगाए जाने की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की वर्तमान स्थिति के लिए पूरी तरह सरकार स्वयं जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वित्त आयोग के समक्ष राज्य का पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रखा गया, जो सरकार की एक बड़ी विफलता है।
जमवाल ने सरकार पर संवैधानिक पदों और संस्थाओं के सम्मान को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और यहां तक कि न्यायपालिका पर टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हाल ही में एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा दिए गए बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार लगातार मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक संकेत नहीं है।नेता प्रतिपक्ष के दिल्ली दौरे को लेकर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए जमवाल ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश के हितों के लिए केंद्र सरकार से संवाद करना गलत है, तो मुख्यमंत्री स्वयं विपक्ष के साथ दिल्ली जाकर प्रदेश के मुद्दों को उठाने का साहस क्यों नहीं दिखाते। उन्होंने इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी भाजपा विधायक ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं। सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल को अपग्रेड तो कर दिया गया, लेकिन भवन निर्माण कार्य आज भी अधूरा पड़ा है।उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के तबादले तो कर दिए गए, लेकिन उनकी जगह नई नियुक्तियां नहीं की गईं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। रेडियोलॉजी, अल्ट्रासाउंड और अन्य जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।पूर्व भाजपा सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए जमवाल ने कहा कि जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भवन और आधारभूत ढांचे तैयार किए गए थे, लेकिन वर्तमान सरकार उन्हें “अनावश्यक” बताकर रोक रही है। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर में स्टाफ क्वार्टर, सीएचसी भवन और इंडोर स्टेडियम जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अधर में लटके हुए हैं।
सरकार की चुनावी गारंटियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वादे पूरे करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब जरूर देगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की कोई ठोस उपलब्धि नजर नहीं आई और अधिकतर योजनाएं केंद्र सरकार की थीं।
अपनी बात समाप्त करते हुए जमवाल ने एक शेर के माध्यम से सरकार पर तंज कसा—
“उम्र भर ये भूल करता रहा,
धूल चेहरे पर थी और मैं आईना साफ करता रहा।”
उन्होंने कहा कि सरकार को अब भी समय रहते अपनी गलतियों को सुधारना चाहिए और जनता के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए।