Summer Express , कांगड़ा। 28 मार्च से शुरू होने वाले ऐतिहासिक राज्य स्तरीय सलियाणा छिंज मेला की तैयारियों पर मूसलधार बारिश ने संकट ला दिया है। पंचरुखी स्थित मेले का मैदान कीचड़ और दलदल में बदल गया है, जिससे मेले के सुचारू आयोजन पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की मशीनें मैदान को दुरुस्त करने में जुटी हैं, लेकिन मौसम विभाग की नई एडवाइजरी ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है। इस वर्ष मेला मैदान रिकॉर्ड 47 लाख रुपये की खुली नीलामी में गया था, लेकिन खराब मौसम और फैले कीचड़ ने दुकानों के आवंटन में सबसे बड़ी बाधा पैदा कर दी है।
यदि मौसम साफ नहीं हुआ, तो दुकानदार मेले से पीछे हट सकते हैं, जिससे बोलीदाता के लिए निवेश की गई राशि की वसूली चुनौतीपूर्ण हो जाएगी। मेले में चार सांस्कृतिक संध्याएं और कुश्ती के बड़े मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।
तैयारियों के तहत झूले लगने शुरू हो चुके हैं, लेकिन बारिश की वजह से काम की गति धीमी हो गई है। पीडब्ल्यूडी एसडीओ प्रवीण सूद ने कहा कि बारिश के बावजूद काफी काम पूरा कर लिया गया है। तहसीलदार अभिषेक भास्कर ने आश्वस्त किया कि मेले के आगाज से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी, बशर्ते मौसम सहयोग करे।
स्थानीय लोग और मेले के आयोजनकर्ता उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ रहेगा और यह ऐतिहासिक मेला बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हो सकेगा। मेले की तैयारी और निवेश दोनों के लिए बारिश फिलहाल बड़ी चुनौती बनी हुई है।
इस तरह, कांगड़ा में सलियाणा छिंज मेला का आयोजन अब पूरी तरह मौसम पर निर्भर दिखाई दे रहा है, जबकि प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि मैदान को जल्द ही व्यवस्थित किया जा सके।