Summer Express, शिमला | हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1990 बैच के आइपीएस अधिकारी श्याम भगत नेगी को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और विजिलेंस के डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। यह आदेश मुख्य सचिव की ओर से जारी किया गया है और यह व्यवस्था 23 मार्च से 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च को श्याम भगत नेगी की सेवानिवृत्ति के बाद 1 अप्रैल से डीजीपी का कार्यभार पुनः अशोक तिवारी संभालेंगे। श्याम भगत नेगी ने एक साल पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से हिमाचल लौटकर सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव रैंक पर कार्यभार संभाला था।
पिछले वर्ष उनकी वापसी के समय यह चर्चा थी कि उन्हें हिमाचल का डीजीपी नियुक्त किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने उन्हें सीधे डीजीपी पद पर नियुक्त करने के बजाय सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर सेवाएं दीं। उस समय केंद्र में सचिव पद के लिए भी उनका नाम सूचीबद्ध था।
डीजीपी के पद के लिए उस समय हिमाचल में पांच से छह वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों के नाम चर्चा में थे। इसमें वर्तमान डीजीपी अशोक तिवारी, सतवंत अटवाल, अभिषेक त्रिवेदी, अनुराग गर्ग और राकेश अग्रवाल के नाम शामिल थे। श्याम भगत नेगी का नाम इस दौड़ में काफी आगे माना जा रहा था।
डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार मिलने से पहले श्याम भगत नेगी सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव रैंक पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। उनके नेतृत्व में पुलिस और विजिलेंस विभाग की गतिविधियों को सुचारू ढंग से संचालित करने का उद्देश्य है।
सरकार ने यह व्यवस्था सुनिश्चित की है कि डीजीपी के स्थानांतरण और अतिरिक्त कार्यभार के दौरान विभाग में कोई विलंब या व्यवधान न आए। यह कदम अनुभवी अधिकारियों की मदद से प्रशासनिक और पुलिसिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
यह फैसला राज्य प्रशासन में अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर लिया गया है, ताकि पुलिस और विजिलेंस विभाग की गतिविधियां समय पर और प्रभावी रूप से जारी रह सकें।