Summer Express, चंडीगढ़ | हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा उठाए गए आरोपों को रिटर्निंग अधिकारी सीनियर आईएएस पंकज अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह नियमों और कानूनों के अनुसार संपन्न हुई और कोई अनियमितता नहीं हुई।
पंकज अग्रवाल ने बताया कि मतदान से लेकर जीत का प्रमाण पत्र जारी करने तक सभी गतिविधियां पारदर्शिता और चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुरूप हुईं। उन्होंने साफ किया कि उनके कार्य में किसी पार्टी के प्रति कोई झुकाव नहीं था और केंद्रीय चुनाव आयोग भी उनकी प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट है।
राज्यसभा चुनाव में कुल पांच वोट रद्द हुए। अग्रवाल ने बताया कि इनमें से चार वोट किसके थे और एक किसका था, इस पर अधिकृत रूप से जानकारी देना उनका अधिकार क्षेत्र नहीं है। अधिकांश रद्द वोटों के कारण मतपत्र पर अशुद्ध निशान या गोपनीयता की उल्लंघन थी।
वहीं, विपक्ष की शिकायत थी कि मतदान प्रक्रिया में देरी और बाधा डालकर गड़बड़ी की गई। पंकज अग्रवाल ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि मतदान केंद्रों में सभी दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। मतदान के बाद सभी आपत्तियों का समाधान केंद्रीय चुनाव आयोग की अनुमति से किया गया और उसके बाद मतगणना और प्रमाण पत्र वितरण संपन्न हुआ।
चुनाव परिणाम में एक सीट पर भाजपा के संजय भाटिया और एक सीट पर कर्मवीर बौद्ध विजयी रहे। बौद्ध की जीत भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल से मात्र 0.44 मतों के अंतर से हुई। कांग्रेस के पांच विधायकों ने नांदल के समर्थन में वोट किया, जिनके खिलाफ ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है।
राज्य की 90 विधानसभा सीटों में भाजपा के पास 48, कांग्रेस के 37, इनेलो के दो और निर्दलीय तीन विधायक हैं। इनेलो के दो विधायकों ने स्वयं को इस चुनाव से अलग रखा। पंकज अग्रवाल का स्पष्ट कहना है कि चुनाव में नियम-कानून का पालन हुआ और आरोप राजनीतिक प्रचार का हिस्सा हैं, वास्तविकता से उनका कोई संबंध नहीं।