Summer Express,पंचकूला | हरियाणा के पंचकूला में खैर के पेड़ चोरी मामले को लेकर वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। वन मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई हाईलेवल समीक्षा बैठक के बाद दो डीएफओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबित अधिकारियों में डीएफओ (वाइल्ड लाइफ) राजेंद्र प्रसाद डांगी और डीएफओ (टेरिटोरियल) विशाल कौशिक शामिल हैं। इससे पहले वाइल्ड लाइफ इंस्पेक्टर सुरजीत और दरोगा रघुविंद्र को भी निलंबित किया जा चुका है। पुलिस ने रघुविंद्र को एसआईटी के माध्यम से गिरफ्तार किया है।
समीक्षा बैठक में विभागीय लापरवाही और संभावित मिलीभगत के संकेत मिलने के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई। निलंबित अधिकारियों को जांच पूरी होने तक मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
एसआईटी ने अब तक 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर पूछताछ की है। जांच के दायरे में और भी अधिकारी आ सकते हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई होने की संभावना है।
उधर, थाना रायपुररानी पुलिस ने खैर पेड़ों के सौदे में कथित ठगी के मामले में महंत कृष्णानंद उर्फ अश्वनी कुमार (61) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपने साथी अमित कुमार के साथ मिलकर खैर पेड़ों की कटाई के नाम पर करीब 10 लाख रुपये हड़प लिए।
शिकायतकर्ता हर्षित सिंगला के अनुसार, आरोपियों ने यह तथ्य छुपाया कि संबंधित जमीन हाईकोर्ट में विचाराधीन है और उस पर कटाई की अनुमति नहीं है। नकद और चेक के माध्यम से राशि देने के बाद जब सच्चाई सामने आई, तो आरोपियों ने कथित रूप से धमकियां भी दीं।
एसएचओ प्रीतम सिंह और जांच अधिकारी धनीराम ने बताया कि आरोपित को 24 मार्च तक पुलिस रिमांड पर रखा गया है। पूछताछ में आरोपित ने कबूल किया कि ठगी की रकम हरिद्वार और नीलकंठ क्षेत्र में रखी गई है, जिसे जल्द बरामद किया जाएगा। उसके साथी अमित कुमार की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।