Summer express,रोहतक | रोहतक के लाढ़ौत रोड पर ऑपरेटिव बैंक के ब्रांच मैनेजर सुनील नेहरा के 12 वर्षीय बेटे दीपांशु पर पिटबुल कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि दीपांशु के पेट पर करीब 20 घाव बने, जिनमें से दो गहरे घाव तीन सेंटीमीटर तक हैं। घायल को तुरंत पीजीआई के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अभी नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, सुबह दीपांशु और उसका छोटा भाई सड़क किनारे खड़े थे, तभी दो पिटबुल कुत्ते मकान से बाहर निकले। छोटे भाई पर हमला करने के बाद कुत्तों ने दीपांशु पर हमला कर दिया। शोर सुनकर पड़ोस का युवक विक्रम तुरंत आया और डंडे से कुत्ते को नियंत्रित कर दीपांशु को बचाया।
घटना के समय, जिस मकान से कुत्ते निकले, वहां महिला शर्मिला और उसकी बेटी मुस्कान मौजूद थीं। घायल को संभालने के बजाय उन्होंने कुत्तों को घर में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया। इसके चलते पुलिस ने महिला और बेटी के खिलाफ बीएनएस की धारा 291 और 125(A) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
वरिष्ठ वकील दीपक भारद्वाज के अनुसार, भारतीय दंड संहिता की धारा 291 के तहत किसी पालतू जानवर की लापरवाही से रख-रखाव से मानव जीवन को खतरा होने पर छह महीने तक कैद या 5,000 रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है।
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों में यह घटना चिंता का कारण बन गई है। पशु चिकित्सक डॉ. ओम आहूजा ने बताया कि पिटबुल नस्ल खतरनाक होती है, यह अपने मालिक पर भी हमला कर सकती है और इसे पकड़ना कठिन होता है। ऐसे कुत्तों को पालने से बचने और नगर निगम में पंजीकरण कराने की सलाह दी जाती है।
इससे पहले 2018 में भी लाढ़ौत रोड पर पिटबुल ने छह साल की बच्ची पर हमला किया था, जिसमें बच्ची को 60 जगह से काटा गया था। स्थानीय प्रशासन को पालतू खतरनाक जानवरों के नियंत्रण के लिए और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।