Summer Express, चंडीगढ़ | पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने अमृतसर जिले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हिरासत में बीएसएफ जवान जसविंदर सिंह की मौत के मामले में कई रिपोर्टों की मांग की है। आयोग ने इस घटना का स्वयं संज्ञान लिया है और सभी पक्षों से विस्तार से जानकारी प्रस्तुत करने को कहा है।
आयोग ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच/न्यायिक मजिस्ट्रियल रिपोर्ट और अमृतसर पुलिस कमिश्नर से अलग से संपूर्ण जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा, आयोग ने डॉक्टरों के बोर्ड से रिपोर्ट तलब की है, जिसमें मृतक की सही मृत्यु का कारण स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो। आयोग ने NCB से यह भी जानकारी मांगी है कि हिरासत के दौरान जवान को किस प्रकार का चिकित्सीय इलाज दिया गया और अस्पताल में उसके रिकॉर्ड क्या थे।
आयोग ने निर्देश दिया है कि सभी रिपोर्टें अगली सुनवाई की तारीख से कम से कम एक हफ्ता पहले प्रस्तुत की जाएँ। साथ ही, मामले की जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में उपस्थित होने का निर्देश भी दिया गया है।
जसविंदर सिंह, बीएसएफ जवान, को 3 मार्च को मीरान साहिब, अमृतसर के बिलोल ब्रिज के पास हिरासत में लिया गया था। उनके परिवार के अनुसार, हिरासत के दौरान उन्हें लगभग 17 दिनों तक कथित तौर पर यातना दी गई, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मौत हुई। मृतक के परिवार ने मामले में सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
आयोग की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि मानवाधिकारों के उल्लंघन और हिरासत में संभावित दुराचार के मामलों की गहन जांच की जाएगी। इस मामले में हिरासत, इलाज और प्रशासनिक प्रक्रिया की पूरी जानकारी सामने आने तक समाज और परिवार दोनों ही इस घटना से चिंतित हैं।
इस घटना ने न केवल अमृतसर जिले में सुरक्षा और हिरासत प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, बल्कि मानवाधिकारों की संवेदनशीलता को भी उजागर किया है।