Summer express,शिमला | डिजिटल लेन-देन के बढ़ते चलन के साथ-साथ साइबर अपराधियों ने नए तरीके अपनाना शुरू कर दिए हैं। हिमाचल प्रदेश साइबर सेल ने हाल ही में एक चेतावनी जारी की है, जिसमें बताया गया कि ई-पैन कार्ड डाउनलोड करने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह शातिराना ठगी आपके बैंक खाते और व्यक्तिगत जानकारी को पल भर में खतरे में डाल सकती है।
साइबर अपराधियों का तरीका बेहद चालाक है। उन्हें यूजर को ऐसा ईमेल भेजना होता है जो किसी सरकारी संस्था या आयकर विभाग का प्रतीत होता है। ईमेल में दावा किया जाता है कि आपका ई-पैन कार्ड तैयार है और इसे डाउनलोड करने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें। जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, उसके मोबाइल या कंप्यूटर का एक्सेस हैकर्स के पास पहुँच जाता है और बैंक पासवर्ड समेत अन्य संवेदनशील डेटा चोरी हो सकता है।
हिमाचल साइबर सेल ने नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी ईमेल या संदेश के माध्यम से प्राप्त लिंक पर तुरंत क्लिक न करें। सरकारी ईमेल हमेशा आधिकारिक डोमेन (.gov.in) से आते हैं। यदि ईमेल अटपटी लगे या निजी सर्वर का हो, तो वह फर्जी माना जाए। ठग अक्सर ‘तुरंत करें’ या ‘अंतिम चेतावनी’ जैसे शब्दों का उपयोग करके लोगों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। ऐसे में कोई भी अनजान पीडीएफ या फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें वायरस और मैलवेयर हो सकते हैं।
पैन कार्ड एक संवेदनशील दस्तावेज है और इसका डाउनलोड केवल अधिकृत वेबसाइट या आधिकारिक पोर्टल से ही किया जाना चाहिए। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले दो बार सोचें और हमेशा सतर्क रहें। डिजिटल सावधानी और सही जानकारी अपनाकर ही आप साइबर अपराधियों से अपने धन और निजी डेटा की रक्षा कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश साइबर सेल ने यह भी आगाह किया कि किसी भी असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। छोटी सी सावधानी से आप अपने डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बना सकते हैं और साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकते हैं।