Summer express,चंडीगढ़ । हरियाणा में गेहूं की खरीद प्रक्रिया आज यानी एक अप्रैल से शुरू हो गई है, लेकिन बीते दिन हुई बारिश और ओलावृष्टि ने व्यवस्थाओं को प्रभावित कर दिया है। कई मंडियों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है, जिससे शुरुआती दिनों में गेहूं की आवक कम रहने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में अभी कटाई का कार्य जारी है, जिसके चलते मंडियों में अनाज पहुंचने में समय लग सकता है।
सरकार की ओर से इस बार गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल पर की जाएगी। हालांकि, जमीनी स्तर पर मंडियों में तैयारियां और व्यवस्थाएं इस लक्ष्य के अनुरूप पूरी तरह सुदृढ़ नजर नहीं आ रही हैं, जिससे किसानों को शुरुआती दौर में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मंगलवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण प्रदेश के कई जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, रेवाड़ी, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ के करीब 100 गांवों में खड़ी गेहूं, सरसों और चने की फसल प्रभावित हुई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां फसल कटाई के अंतिम चरण में थी।
मौसम विभाग के अनुसार एक और दो अप्रैल को मौसम सामान्य रहने की संभावना है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि तीन और चार अप्रैल को मौसम में फिर बदलाव होने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। ऐसे में आगामी दिनों में मंडियों की स्थिति और फसल आवक पर मौसम का असर देखने को मिल सकता है।