मंडी ,धर्मवीर: आईआईटी मंडी में 2017 से चल रहे माइंड ट्री स्कूल को बंद करने के फरमान के बाद अब यह विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। माइंड ट्री स्कूल के संचालकों ने इस विषय को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है जिस पर सुनवाई होना अभी बाकी है।
आईआईटी प्रबंधन साजिश के तहत बंद करना चाहता है स्कूल को
आज मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए माइंड ट्री स्कूल के ट्रस्टी हिर्देश मदान ने आईआईटी प्रबंधन पर साजिश के तहत स्कूल को बंद करने और शिक्षा को प्रभावित करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आईआईटी प्रबंधन द्वारा स्कूल को बंद करने के निर्णय से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों का भविष्य संकट में आ गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल को किसी भी सूरत में बंद नहीं किया जाएगा और कानूनी प्रक्रिया को अपनाते हुए शिक्षा को जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। बता दें कि 6 मई 2024 को आईआईटी प्रबंधन ने स्कूल को बंद करने का फरमान जारी किया था। अब आईआईटी प्रबंधन ने अभिभावकों को फिलहाल फीस जमा न करने, किताबें और यूनिफॉर्म न खरीदने और एक माह प्रतीक्षा करने की सलाह दी है। इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
हिर्देश मदान ने कहा कि कहा कि 2022 में जब स्कूल मैनेजिंग कमेटी (एसएमसी) का गठन हुआ उसके बाद ही सारा विवाद शुरू हुआ है। एसएमसी ने स्कूल के दैनिक संचालन में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया और ऐसे निर्णय थोपने का प्रयास किया जो शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते थे। प्रबंधन द्वारा इन निर्णयों को मानने से इनकार करने के बाद आर्थिक दबाव बनाए गए। खाली स्थानों पर भी किराया बढ़ाया गया। ट्रस्ट पर लागू न होने के बावजूद जीएसटी की मांग की गई और कई अन्य मुद्दे खड़े किए गए। आईआईटी मंडी की ओर से सार्वजनिक रूप से यह कहा जा रहा है कि संस्थान स्वयं स्कूल का संचालन संभालकर मई से कक्षाएं शुरू करेगा। इस दावे ने अभिभावकों और छात्रों की चिंता और बढ़ा दी है। कहा कि शिक्षा प्रभावित नहीं होने देंगे।