Summer express, करनाल । जिले में कलेक्टर रेट अपडेट न होने के कारण रजिस्ट्री से जुड़ा काम पिछले छह दिनों से पूरी तरह प्रभावित है। एक अप्रैल से नई कलेक्टर रेट सूची जारी न होने की वजह से तहसीलों में रजिस्ट्री प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है, जिससे हजार से अधिक फाइलें लंबित हो चुकी हैं।
जिले की पांच तहसीलों और तीन उप-तहसीलों में सामान्य दिनों में रोजाना करीब 200 रजिस्ट्री होती हैं, लेकिन कलेक्टर रेट अपडेट न होने के चलते बीते छह दिनों में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि लोग रोजाना तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, जहां उन्हें घंटों इंतजार के बाद निराश लौटना पड़ रहा है।
एक अप्रैल से शुरू हुई यह समस्या अब तक जस की तस बनी हुई है। सोमवार को भी बड़ी संख्या में लोग उम्मीद लेकर तहसीलों में पहुंचे, लेकिन उन्हें रजिस्ट्री न होने की जानकारी मिलने पर वापस लौटना पड़ा। कई लोगों ने अपने जरूरी काम छोड़कर तहसील का रुख किया, लेकिन काम न होने से उन्हें समय के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों का कहना है कि प्रशासन को कलेक्टर रेट अपडेट करने की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर लेनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि सही समय पर सूचना न मिलने से आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यदि रेट अपडेट में देरी होनी थी, तो इसकी जानकारी पहले सार्वजनिक की जानी चाहिए थी, ताकि वे अपने कार्यों की योजना बदल सकें।
रजिस्ट्री कार्य ठप होने का असर अब प्रॉपर्टी कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जमीन और मकान की खरीद-फरोख्त के लिए तय किए गए सौदे अटक गए हैं। कई मामलों में भुगतान और जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हो पा रही हैं, जिससे रियल एस्टेट गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से कलेक्टर रेट अपडेट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, जबकि लोग जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।