Summer Express, सोनीपत | सोनीपत की नई अनाज मंडी में तैयार और निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, करनाल की क्वालिटी कंट्रोल टीम ने मंडी का औचक निरीक्षण किया और विभिन्न स्थानों से 15 सैंपल एकत्रित कर विस्तृत जांच के लिए मुख्यालय भेज दिए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच रिपोर्ट में निर्माण सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, तो संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, एक अप्रैल से गेहूं खरीद प्रक्रिया शुरू होने के बाद सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल और उपायुक्त नेहा सिंह ने मंडी का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान सड़कों की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई थी। हालात ऐसे थे कि एक अधिकारी की ठोकर से ही सड़क की परत उखड़ गई, जिस पर प्रधान सचिव ने मौके पर ही नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी।
उन्होंने साफ निर्देश दिए थे कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खराब गुणवत्ता वाली सड़कों को दोबारा बनाया जाए। इसी के तहत अब सैंपलिंग प्रक्रिया शुरू की गई है।
जानकारी के अनुसार, नई अनाज मंडी में सड़कों के निर्माण और मरम्मत का कार्य करीब 86.14 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। फिलहाल दो सड़कें पूरी तरह तैयार हो चुकी हैं, जिनकी गुणवत्ता की जांच के लिए बिटुमिन, कंक्रीट और बेस मटेरियल के नमूने लिए गए हैं। टीम ने सड़कों की अंदरूनी परतों की भी जांच की, ताकि निर्माण में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता का सही आकलन किया जा सके।
क्वालिटी कंट्रोल टीम के अनुसार, सैंपलों की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर आने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि गुणवत्ता में कमी पाई गई, तो संबंधित एजेंसी का भुगतान रोका जा सकता है और सड़कों को उखाड़कर नए सिरे से निर्माण के आदेश भी दिए जा सकते हैं।
विभाग का कहना है कि किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।