Summer Express, चंडीगढ़ | हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में कुल 7 एजेंडों में से 6 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा लाभ प्रदेश के श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा।
बैठक का सबसे बड़ा फैसला न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी को लेकर रहा। सरकार ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में करीब 35 प्रतिशत तक इजाफा किया है। अब अकुशल मजदूरों को ₹11,275 की जगह ₹15,220 प्रति माह मिलेंगे। वहीं, अर्ध-कुशल श्रमिकों का वेतन ₹16,780, कुशल श्रमिकों का ₹18,500 और उच्च दक्षता वाले श्रमिकों का मानदेय बढ़ाकर ₹19,425 कर दिया गया है। इस निर्णय से महंगाई के दौर में लाखों कामगारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही सरकार ने अग्निवीरों के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। ‘अग्निवीर नीति 2024’ में संशोधन करते हुए राज्य की विभिन्न सेवाओं जैसे पुलिस, जेल वार्डर, वन रक्षक और खनन गार्ड के पदों पर उनका क्षैतिज आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि प्रशिक्षित और अनुशासित अग्निवीर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
कैबिनेट ने महिलाओं और बुजुर्गों के हित में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राशन डिपो के आवंटन में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, जिसमें विधवाओं, तेजाब पीड़ितों और स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता मिलेगी। वहीं, रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन कर निर्माण सीमा (FAR) को 2.25 से बढ़ाकर 3.0 किया गया है, जिससे बुजुर्गों के लिए बेहतर आवास सुविधाएं विकसित हो सकेंगी।
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए ‘हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स रूल्स’ में नया प्रावधान जोड़ा गया है, जिससे रास्ते की कमी के कारण अटकी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बैठक की एक खास तस्वीर भी चर्चा में रही, जिसमें वरिष्ठ मंत्री अनिल विज पैर में फ्रैक्चर के बावजूद वॉकर के सहारे कैबिनेट में शामिल होते नजर आए।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन सभी फैसलों को जल्द ही लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे प्रदेश में विकास और सामाजिक सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।