Summer express नई दिल्ली | गुरुवार (9 अप्रैल) को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला और दिनभर दबाव में कारोबार करता नजर आया। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के साथ-साथ घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली और सेक्टोरल दबाव ने बाजार की चाल को प्रभावित किया।
इससे पहले बुधवार को बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, जब BSE Sensex और Nifty 50 करीब 4% की बढ़त के साथ बंद हुए थे। यह तेजी अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद आई थी, जिससे वैश्विक निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ था।
आज के कारोबार में 30 शेयरों वाला Sensex 700 अंकों से अधिक गिरकर लगभग 76,835 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। वहीं Nifty 50 भी करीब 180 अंक टूटकर लगभग 23,817 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
बाजार में गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण सामने आए हैं। बैंकिंग शेयरों में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली की गई, जबकि आईटी सेक्टर में कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले सतर्कता के चलते बिकवाली देखी गई। इसके अलावा वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेतों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
भू-राजनीतिक मोर्चे पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर आशंकाएं फिर से बढ़ने लगी हैं। ईरान की ओर से दिए गए बयानों में अमेरिका पर समझौतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है, जबकि इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव ने भी वैश्विक जोखिम को बढ़ा दिया है।
इन सभी कारणों के चलते निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है।