Summer express,महेंद्रगढ़ । महेंद्रगढ़ शहर में पुरानी हवेलियों की जर्जर हालत अब गंभीर खतरे का कारण बनती जा रही है। शहर के मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में स्थित कई पुरानी हवेलियां वर्षों से उपेक्षा के चलते खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं और कभी भी गिरकर बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन जर्जर इमारतों की दीवारें और छतें कमजोर हो चुकी हैं, कई जगहों पर दरारें साफ दिखाई देती हैं और इनके भीतर उगी झाड़ियां व पेड़-पौधे संरचना को और अधिक कमजोर कर रहे हैं। कई हवेलियों से ईंटें और मलबा गिरने लगा है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नगरपालिका द्वारा कुछ समय पहले इन इमारतों को खतरनाक घोषित करते हुए नोटिस जारी किए गए थे और मालिकों को मरम्मत या ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन केवल औपचारिक नोटिस तक सीमित है, जबकि जर्जर इमारतों को हटाने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं। कई जगह इन हवेलियों के नीचे दुकानों और पार्किंग के कारण खतरा और बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि अवैध निर्माण और आसपास की गतिविधियों के चलते पुरानी संरचनाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, जिससे इनके ढहने का खतरा और बढ़ गया है।
नगरपालिका प्रधान रमेश सैनी ने कहा कि सभी जर्जर हवेलियों की पहचान कर नोटिस जारी किए जा चुके हैं और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि शहर में कई पुरानी हवेलियां बेहद खराब स्थिति में हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।